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तेज आंधी और बरसात का कहर, फसलें चौपट
अमर उजाला ब्यूूराो ललितपुर
Updated Fri, 12 Jul 2019 02:57 PM IST
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कृष्ाि
- फोटो : amar ujala
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ललितपुर/अजान/ सिलावन/ सैदपुर/ डोंगराखुर्द/ पाली/ बंगरिया (ललितपुर )। पहले से सूखे की मार झेल रहे जिले के किसानों की फसलों पर एक बार फिर बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि का कहर बरपा है, जिससे किसान परेशान हैं। कर्ज के बोझ तले दबे और बर्बादी के कगार पर खडे़ किसानों की आशाओं पर बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
अचानक तेज हवाओं के साथ हुई तेज बरसात से पाली और आसपास के एक दर्जन से अधिक ग्रामों में ओलावृष्टि हुई। तेज हवाओं, बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। मटर, चना, मसूर आदि फसलों की कटाई और थ्रेसिंग का कार्य चल रहा है, लेकिन रविवार की शाम को अचानक मौसम का मिजाज बदला और पानी गिरने से फसलें बरबाद हो गईं। नाराहट क्षेत्र के लगभग सभी गांवों डौंगरा खुर्द, पटना, दिगवार, गुढा, खिरिया, बरेजा, चांदोरा, सड़खरी, जमोरा आदि गांव में तेज बारिश हुई और इससे पहले चली तेज आंधी से खेतों में खडी गेंहूं की फसल जमीन पर बिछ गई। कुछ देर बाद बारिश के साथ ओले गिरने शुरू हो गए। करीब बीस से पचास ग्राम वजन तक के ओले पडने से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। इसी तरह से ग्राम डौंगरा, तरावली, महाराजपुरा, बनयाना, अर्जुन खिरिया और नयागांव में ओलावृष्टि हुई। कई गांवों में घरों की खपरैल भी क्षतिग्रस्त हो गई।
उधर, ओलावृष्टि से बर्बाद किसानों ने तहसील महरौनी पहुंचकर प्रदर्शन किया। उन्होंने ओलों से नष्ट हुई फसल का आकलन कराकर मुआवजा दिलाए जाने की मांग की। वहीं, तहसीलदार ने ओला प्रभावित गांवों में पहुंचकर नष्ट हुई फसल का आकलन शुरू कर दिया है। रविवार की शाम अचानक बादलों की गडग़ड़ाहट के साथ ओले बरसने लगे। इस दौरान खेतों की खड़ी गेहूं, मटर, चना, मसूर, जवा व सरसों की फसल के साथ सब्जियां जमींदोज हो गई। अनेक गांवों की फसलें तेज हवा व पानी से खेतों में बिछ गई। ओलों से सबसे अधिक कहर ग्राम गुंदरापुर, चौकी, दिगवार, गगनियां, छपरट, किसरदा और सिंदवाहा गांवों में बरपाया। सोमवार को पीड़ित किसानों ने तहसील मुख्यालय पहुंचकर ओलों से नष्ट फसलों को हाथों में लहराकर मुआवजा दिलाए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
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ग्राम गुंदरापुर के किसानों ने प्रधान ग्यासी कुशवाहा के नेतृत्व में सड़कों पर उतरकर मुआवजा दिलाए जाने की मांग की। इसी तरह चौकी, दिगवार, गगनियां, छपरट, किसरदा आदि गांवों के किसान ने ट्रैक्टर ट्रालियों में नष्ट फसलों को लाकर अधिकारियों के समक्ष प्रदर्शन कर मुआवजा की मांग की।मांग करने वालों में जयदेव पाठक, जितेंद्र कुशवाहा, देवेंद्र पटेल, श्रीराम पटेल, देवेंद्र प्रजापति, संतोष अहिरवार, सुजान, नंदलाल कुशवाहा, देशपत, जगदीश, राजाराम पटेल, पप्पू कुशवाहा, राजकुमार साहू, लच्छू, अजीत पाठक, कैलाश पाठक, सोनू, हनुमंत, नंदलाल पटेल, रामकिशन आदि शामिल रहे।उधर, तहसीलदार सुशील कुमार दुबे ने ओला प्रभावित गांवों का दौरा कर नष्ट हुई फसल का आकलन कर किसानों को मुआवजा दिलाए जाने का भरोसा दिलाया।
इसी तरह अपना दल के कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर ग्राम बड़गाना में ओलावृष्टि से बरबाद हुई फसल का मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है ग्रामीणों ने बताया कि गत शाम को हुई ओलावृष्टि से फसलों को भरी नुकसान हुआ है। इस मौके पर जितेंद्र सिंह, देवेंद्र पटेल, रामस्वरूप पटेल सदारानी, करन सिंह आदि उपस्थित रहे। इसके अलावा अपना दल के कार्यकर्ताओं ने ग्राम झरावटा, ककरुवा, गुढ़ा, पड़ारिया, जमुनिया, बगौनी, बनयाना, धौलपुरा, गदौरा आदि में हुई ओलावृष्टि के मुआवजा की मांग को लेकर नाराहट- महरौनी मार्ग पर ग्राम झरावटा तिगैला पर जाम लगाया। इस दौरान तहसीलदार पाली अरुण कुमार ने मुआवजा के सर्वे का अश्वासन दिया। इस पर जाम खोला गया। इस मौके पर लाखन सिंह पटेल, हरीनारायण बुनकर, पप्पू राजा, विनोद तिवारी, बृजेश तिवारी, राममिलन पांडेय, भागचंद पटेल आदि उपस्थित रहे।
इसी तरह भारतीय किसान यूनियन ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया। ज्ञापन में नष्ट हुई फसल का मुआवजा कराने, ब्लाक बार के सभी ग्रामों में कुओं का मनरेगा के तहत गहरीकरण कराए जाने, जिन किसानों को रबी और खरीफ की फसल बीमा का लाभ नहीं मिला है, उन्हें लाभ दिलाए जाने आदि की मांग की। इस मौके पर कीरत बाबा, आशा देवी, दीपू, विशाखा, हल्कूराम, जगभान सिंह, रामकिशन, भगवान सिंह आदि उपस्थित रहे।
इसी तरह ग्राम बमरौला के किसानों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर बरबाद हुई फसल का मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है। इस मौके पर फूलचंद अहिरवार, माया, हरदास, घनश्याम, दमरूलाल, सुरेश चंद्र, मनोज, रघुवीर, महेश आदि उपस्थित रहे। उधर, पाली में किसानों ने एक सप्ताह पूर्व एसडीएम को ज्ञापन देकर ओलावृष्टि और अतिवृष्टि का मुआवजा दिए जाने की मांग की थी, लेकिन मुआवजा नहीं मिलने पर किसानों ने नगर पंचायत चेयरमैन रामकुमार चौरसिया की अगुवाई में बस स्टैंड पर धरना दिया। पहले दिन आलोक चौरसिया, कंछेदी कुशवाहा, तिलक यादव, सुनील यादव, भरत सिंह, मोनू मालवीय, रामदास, रामू चौरसिया आदि उपस्थित रहे। इसी तरह से तहसील पाली के ग्राम जमौरा, सरखड़ी, इमलिया, उमरिया, बागौनी, पिपरिया, बम्हौरी सिंदवाहा, झरावटा, गौना आदि गांवों में रविवार की रात ओले गिरने से फसल पूरी तरह से बिछ गई।
इसी तरह से ग्राम मिदरवाहा, लछमनपुर, बड़ई का कुआं व अजान में ओले गिरे। रात करीब 11 बजे तेज बरसात के साथ ओले गिरने शुरू हो गए। इससे किसानों माथे पर चिंता की लकीरें आ गई हैं। कुछ किसानों ने राम नाम का जाप शुरू कर दिया तो किसी ने शंखनाद किया। ओलों और पानी से खेत में खड़ी गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई और बालियां भी टूट गईं।
उधर, बीते दो दिनों से तेज आंधी और बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से ग्राम रमगढ़ा, गिरार खुटगुआं, हनमतगढ, बलना, लडारी, तिसगना, प्यासा, सैदपुर, सतवांसा, साढूमल, गढौली, रमेशरा सहित दर्जनों गांव के खेतों में खड़ी एवं कटी पड़ी फसल को नुकसान हुआ है। गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई। मटर, मसूर एवं चने की पककर तैयार हो चुकी फलियां ओले गिरने से छिटककर खेतों में बिखर गईं हैं।
फसल क्षति का सर्वे शुरू
जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में हुई असमय और अचानक बारिश के साथ कई क्षेत्रों में हुई ओलावृष्टि को देखते हुए जिलाधिकारी डा. रूपेश कुमार ने ब्लाक बार, तालबेहट के ग्राम पारौन, खैराडांग, खैरीडांग सहित विभिन्न ग्रामों का भ्रमण किया। उन्होंने किसानों के खेतों में जाकर गेहूं, चना, मटर आदि फसलों को देखा। उन्होंने कहा कि तहसीलों के सभी उप जिलाधिकारियों/तहसीलदारों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि वह ओलावृष्टि से प्रभावित प्रत्येक ग्राम का भ्रमण कर क्षति का आंकलन कर ब्योरा प्रस्तुत करें, जिससे कि उसी के अनुसार किसानों को राहत पहुंचाई जा सके।
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अचानक तेज हवाओं के साथ हुई तेज बरसात से पाली और आसपास के एक दर्जन से अधिक ग्रामों में ओलावृष्टि हुई। तेज हवाओं, बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। मटर, चना, मसूर आदि फसलों की कटाई और थ्रेसिंग का कार्य चल रहा है, लेकिन रविवार की शाम को अचानक मौसम का मिजाज बदला और पानी गिरने से फसलें बरबाद हो गईं। नाराहट क्षेत्र के लगभग सभी गांवों डौंगरा खुर्द, पटना, दिगवार, गुढा, खिरिया, बरेजा, चांदोरा, सड़खरी, जमोरा आदि गांव में तेज बारिश हुई और इससे पहले चली तेज आंधी से खेतों में खडी गेंहूं की फसल जमीन पर बिछ गई। कुछ देर बाद बारिश के साथ ओले गिरने शुरू हो गए। करीब बीस से पचास ग्राम वजन तक के ओले पडने से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। इसी तरह से ग्राम डौंगरा, तरावली, महाराजपुरा, बनयाना, अर्जुन खिरिया और नयागांव में ओलावृष्टि हुई। कई गांवों में घरों की खपरैल भी क्षतिग्रस्त हो गई।
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उधर, ओलावृष्टि से बर्बाद किसानों ने तहसील महरौनी पहुंचकर प्रदर्शन किया। उन्होंने ओलों से नष्ट हुई फसल का आकलन कराकर मुआवजा दिलाए जाने की मांग की। वहीं, तहसीलदार ने ओला प्रभावित गांवों में पहुंचकर नष्ट हुई फसल का आकलन शुरू कर दिया है। रविवार की शाम अचानक बादलों की गडग़ड़ाहट के साथ ओले बरसने लगे। इस दौरान खेतों की खड़ी गेहूं, मटर, चना, मसूर, जवा व सरसों की फसल के साथ सब्जियां जमींदोज हो गई। अनेक गांवों की फसलें तेज हवा व पानी से खेतों में बिछ गई। ओलों से सबसे अधिक कहर ग्राम गुंदरापुर, चौकी, दिगवार, गगनियां, छपरट, किसरदा और सिंदवाहा गांवों में बरपाया। सोमवार को पीड़ित किसानों ने तहसील मुख्यालय पहुंचकर ओलों से नष्ट फसलों को हाथों में लहराकर मुआवजा दिलाए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
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ग्राम गुंदरापुर के किसानों ने प्रधान ग्यासी कुशवाहा के नेतृत्व में सड़कों पर उतरकर मुआवजा दिलाए जाने की मांग की। इसी तरह चौकी, दिगवार, गगनियां, छपरट, किसरदा आदि गांवों के किसान ने ट्रैक्टर ट्रालियों में नष्ट फसलों को लाकर अधिकारियों के समक्ष प्रदर्शन कर मुआवजा की मांग की।मांग करने वालों में जयदेव पाठक, जितेंद्र कुशवाहा, देवेंद्र पटेल, श्रीराम पटेल, देवेंद्र प्रजापति, संतोष अहिरवार, सुजान, नंदलाल कुशवाहा, देशपत, जगदीश, राजाराम पटेल, पप्पू कुशवाहा, राजकुमार साहू, लच्छू, अजीत पाठक, कैलाश पाठक, सोनू, हनुमंत, नंदलाल पटेल, रामकिशन आदि शामिल रहे।उधर, तहसीलदार सुशील कुमार दुबे ने ओला प्रभावित गांवों का दौरा कर नष्ट हुई फसल का आकलन कर किसानों को मुआवजा दिलाए जाने का भरोसा दिलाया।
इसी तरह अपना दल के कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर ग्राम बड़गाना में ओलावृष्टि से बरबाद हुई फसल का मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है ग्रामीणों ने बताया कि गत शाम को हुई ओलावृष्टि से फसलों को भरी नुकसान हुआ है। इस मौके पर जितेंद्र सिंह, देवेंद्र पटेल, रामस्वरूप पटेल सदारानी, करन सिंह आदि उपस्थित रहे। इसके अलावा अपना दल के कार्यकर्ताओं ने ग्राम झरावटा, ककरुवा, गुढ़ा, पड़ारिया, जमुनिया, बगौनी, बनयाना, धौलपुरा, गदौरा आदि में हुई ओलावृष्टि के मुआवजा की मांग को लेकर नाराहट- महरौनी मार्ग पर ग्राम झरावटा तिगैला पर जाम लगाया। इस दौरान तहसीलदार पाली अरुण कुमार ने मुआवजा के सर्वे का अश्वासन दिया। इस पर जाम खोला गया। इस मौके पर लाखन सिंह पटेल, हरीनारायण बुनकर, पप्पू राजा, विनोद तिवारी, बृजेश तिवारी, राममिलन पांडेय, भागचंद पटेल आदि उपस्थित रहे।
इसी तरह भारतीय किसान यूनियन ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया। ज्ञापन में नष्ट हुई फसल का मुआवजा कराने, ब्लाक बार के सभी ग्रामों में कुओं का मनरेगा के तहत गहरीकरण कराए जाने, जिन किसानों को रबी और खरीफ की फसल बीमा का लाभ नहीं मिला है, उन्हें लाभ दिलाए जाने आदि की मांग की। इस मौके पर कीरत बाबा, आशा देवी, दीपू, विशाखा, हल्कूराम, जगभान सिंह, रामकिशन, भगवान सिंह आदि उपस्थित रहे।
इसी तरह ग्राम बमरौला के किसानों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर बरबाद हुई फसल का मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है। इस मौके पर फूलचंद अहिरवार, माया, हरदास, घनश्याम, दमरूलाल, सुरेश चंद्र, मनोज, रघुवीर, महेश आदि उपस्थित रहे। उधर, पाली में किसानों ने एक सप्ताह पूर्व एसडीएम को ज्ञापन देकर ओलावृष्टि और अतिवृष्टि का मुआवजा दिए जाने की मांग की थी, लेकिन मुआवजा नहीं मिलने पर किसानों ने नगर पंचायत चेयरमैन रामकुमार चौरसिया की अगुवाई में बस स्टैंड पर धरना दिया। पहले दिन आलोक चौरसिया, कंछेदी कुशवाहा, तिलक यादव, सुनील यादव, भरत सिंह, मोनू मालवीय, रामदास, रामू चौरसिया आदि उपस्थित रहे। इसी तरह से तहसील पाली के ग्राम जमौरा, सरखड़ी, इमलिया, उमरिया, बागौनी, पिपरिया, बम्हौरी सिंदवाहा, झरावटा, गौना आदि गांवों में रविवार की रात ओले गिरने से फसल पूरी तरह से बिछ गई।
इसी तरह से ग्राम मिदरवाहा, लछमनपुर, बड़ई का कुआं व अजान में ओले गिरे। रात करीब 11 बजे तेज बरसात के साथ ओले गिरने शुरू हो गए। इससे किसानों माथे पर चिंता की लकीरें आ गई हैं। कुछ किसानों ने राम नाम का जाप शुरू कर दिया तो किसी ने शंखनाद किया। ओलों और पानी से खेत में खड़ी गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई और बालियां भी टूट गईं।
उधर, बीते दो दिनों से तेज आंधी और बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से ग्राम रमगढ़ा, गिरार खुटगुआं, हनमतगढ, बलना, लडारी, तिसगना, प्यासा, सैदपुर, सतवांसा, साढूमल, गढौली, रमेशरा सहित दर्जनों गांव के खेतों में खड़ी एवं कटी पड़ी फसल को नुकसान हुआ है। गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई। मटर, मसूर एवं चने की पककर तैयार हो चुकी फलियां ओले गिरने से छिटककर खेतों में बिखर गईं हैं।
फसल क्षति का सर्वे शुरू
जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में हुई असमय और अचानक बारिश के साथ कई क्षेत्रों में हुई ओलावृष्टि को देखते हुए जिलाधिकारी डा. रूपेश कुमार ने ब्लाक बार, तालबेहट के ग्राम पारौन, खैराडांग, खैरीडांग सहित विभिन्न ग्रामों का भ्रमण किया। उन्होंने किसानों के खेतों में जाकर गेहूं, चना, मटर आदि फसलों को देखा। उन्होंने कहा कि तहसीलों के सभी उप जिलाधिकारियों/तहसीलदारों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि वह ओलावृष्टि से प्रभावित प्रत्येक ग्राम का भ्रमण कर क्षति का आंकलन कर ब्योरा प्रस्तुत करें, जिससे कि उसी के अनुसार किसानों को राहत पहुंचाई जा सके।